Monday, 16 June 2014

Javed Amar John - Badkismat Qatil

एक ही दिन में उसके हाथों दो क़त्ल हुए- एक उसके दुश्मन का दूसरा उसका जिसे वो पागलपन की हद तक प्यार करता था।
वह एक बदकिस्मत कातिल था।
पर उसकी किस्मत कुछ ऐसी थी कि जावेद-अमर-जॉन उसे अंत तक पकड़ न सके।

पेश है जावेद अमर जॉन का दूसरा कारनामा 


लेखक - शुभानन्द , कवर- हरजीत, मनमीत ज्योति सिंह 

Wednesday, 29 January 2014

Rajan Iqbal Reborn Series - 7th Novel: Jism Badalne Wale

राजन इकबाल रीबॉर्न सीरीज़ का 7th उपन्यास प्रस्तुत है.


Available on:

SPB

Amazon

कहानी की शुरुआत होती है सेंट्रल जेल से, जहाँ किशनलाल नामक डाकू जेल के डॉक्टर के साथ भाग जाता है. उसी रात जेल में काले जादू में निपुण एक तांत्रिक की मौत हो जाती है. पुलिस जब तक किशनलाल के बारे में कुछ पता लगाती, एक और अज़ीब बात जेल में होती है- मरे हुए तांत्रिक का भाई खुद को जेल का डॉक्टर बताने लगता है. राजन और शोभा इस गुत्थी को सुलझाने में लग जाते हैं. दूसरी तरफ - इकबाल, सलमा व नफीस एक शादी अटैंड करने कार से जा रहे होते हैं. रात को जंगल के बीच रास्ता खराब होने की वजह से वे एक बियाबान होटल में रुक जाते हैं. उसके बाद भूत-प्रेत, जादू-टोने का एक भयावह खेल शुरू होता है. इस खौफनाक खेल के पीछे कौन लोग हैं? उनका उद्देश्य क्या है? कौन किसके शरीर में मौजूद है? जानने के लिए पढ़ें रहस्य, रोमांच, हॉरर और हास्य से लबरेज ये कहानी.

लेखक: शुभानन्द
संपादक: रूनझुन
कवर: ज्योति सिंह

Friday, 10 January 2014

Rajan Iqbal Reborn Series and JAJ on Newshunt

राजन इक़बाल रीबॉर्न सीरीज़ के सभी उपन्यास प्रिंट के साथ अब E-Book format में  NEWSHUNT पर भी उपलब्ध हैं. 

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सभी E-books मात्र Rs 30-50 में उपलब्ध हैं.

Download the app on your mobile or Tab and read  



एक बार फिर डूब जाइये आपने चहेते किरदारों की दुनिया में. अपने बचपन की यादें ताज़ा करें- राजन, इक़बाल, सलमा, शोभा के साथ
साथ में हैं- बलबीर सिंह (जो अब एस पी बन गए हैं), चीफफिंगही, जेनेट पावेल, और राजन के पिता-कर्नल विनोद, जो कि एक बार फिर लौट आये हैं.

Saturday, 23 November 2013

SC Bedi- Rajan Iqbal- Foolon ki ghaati & Roshni ka Gola

एस सी बेदी
कृत
बाल सीक्रेट एजेंट 999 राजन इक़बाल

एस सी बेदी जी  की कलम से निकले दो अनूठे बाल पॉकेट बुक्स

और

नोट- ये दोनों उपन्यास अलग-अलग हैं, और एक दूसरे के पार्ट नहीं हैं.



Saturday, 17 August 2013

Rajan Iqbal Reborn Series - 6th Novel: Kabra Ka Rahasya

7 महीनों के इंतज़ार के बाद आ गया है- राजन इकबाल Reborn Series का एक और शाहकार


------कब्र का रहस्य------



इस बार जासूस चौकड़ी का मुकाबला किसी चोर-उचक्के, स्मगलर या कातिल से नहीं, बल्कि आपने देश के भ्रष्ट राजनीतिज्ञों से है. ऐसे अहम मामले पर वो अकेले काम नहीं कर रहे. उनके साथ सीबीआई के अफसर भी है. कहानी कर्णाटक के शहर सेलगाम (काल्पनिक) और वहाँ हो रहे रहस्यमय घटनाक्रम पर आधारित है

इस उपन्यास में आप लोग एक बार फिर राजन के माता-पिता कर्नल विनोद और सरोज से मुलाकात कर सकेंगे








इस कहानी के प्लाट का श्रेय जाता है- Abhijit Chitatwar (https://www.facebook.com/AbhijitGuitarRockr?fref=ts) को 


उपन्यास के ऊपर एक बेहतरीन दिल को छू देने वाली काव्य प्रस्तावना को रचने वाले Mohit Sharma (https://www.facebook.com/Trendster?fref=tsका बहुत बहुत धन्यवाद. उपन्यास की शुरुआत उन्ही की रचना से होती है.
कब्र का रहस्य (राजन इक़बाल)

Read Sample:


Kabra Ka Rahasya Sample

ये उपन्यास आप आज ही ऑर्डर कर सकते हैं---

Friday, 25 January 2013

Rajan Iqbal Reborn Series- 5th Novel: Pichhle Janam Mein



राजन-इक़बाल - पिछले जन्म में

राजन और इक़बाल पिछले जन्म में बचपन से ही पक्के यार थे, पर दुर्भाग्यवश एक हादसे में वे दोनों बिछड़ जाते हैं. उनकी मुलाकात एक बार फिर बेहद असामान्य हालत में सरहद के पास होती है, जबकि भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध का तनाव चल रहा  है. सलमा व शोभा के साथ उनके प्रेम की कहानी दिल को छू लेने वाली है और उसका अंत कैसा होगा ये उन चारो में से किसी ने भी नहीं सोचा था. क्या होगा सरहद पर भटक रहे इन चारों जांबाजों का जब दोनों देशों के बीच युद्ध शुरू हो जायेगा? क्या वे साथ रह सकेंगे या हमेशा के लिए एक-दूसरे से बिछड़ जायेंगे?

जानने के लिए आज ही पढ़े- राजन-इक़बाल का ये महाविशेषांक-

Download free sample-




Friday, 4 January 2013

Rajan Iqbal- Bhayanak Khel

SC Bedi's
बाल सीक्रेट एजेंट 999 राजन इक़बाल
भयानक खेल

एस सी बेदी की कलम से निकला एक अनूठा उपन्यास. इस उपन्यास की कहानी राजन-इक़बाल की अन्य पुस्तकों से कुछ अलग हट कर ही है. इसमें इकबाल  अकेला है, जो कि एक केस के सिलसिले में अकेले ही रतनगढ़ जाता है. मंजिल तक पहुँचने से पहले ही उसका टकराव दो हसीनो से हो जाता है.
कभी-कभी ही इक़बाल से कोई केस हल होते हुए दिखता है. हालाँकि इसमें इक़बाल की चिर परिचित बेवकूफियां भी शामिल हैं, पर फिर भी उसके  किरदार का एक नया पहलू इस उपन्यास में  उभरता दिखता है.



Download now:

उपन्यास के अंत में राजन इक़बाल रीबोर्न सीरीज की कुछ झलकियाँ भी हैं, मेरा अनुरोध है कि उन्हें पढ़े और अगर पसंद आयें तो ऑर्डर करके मंगवा लें. मेरा दावा है- नए उपन्यास पुरानी राजन-इक़बाल सीरीज से आपको दो कदम आगे ही मिलेंगे.
आभार-
शुभानन्द